Sahitya Sangeet

 

Literature Is The Almighty & Music Is MeditationM

 

gallery/images
gallery/images

IMPORTANT LINKS

Ghalib
Spirituality

Couplets-Page-2

 




(११)
उनकी एक झलक ले आई है 'रंजन' पे रंगत,
तबीब ने समझा उसका दवा कारगर निकला !
(१२)
हलक तक ज़हर दे फरमाइश है तरन्नुम का,
ज़हर भी शरमा गया उनकी इस अदा पे 'रंजन' !
(१३)
हलक में चीख होठों पे हंसी माजरा क्या है,
कोई बताये हमें ये की मूद्दआ क्या है !
(१४)
'रंजन' तेरे दिल की कीमत क्या है इस दुनिया में,
जिसने कल लिया था वो वापस आज ले आया !
(१५)
मेरा तुम्हारा फैसला होगा खुदा के सामने,
तुमने भी तैग खींच ली हमने भी सर झुका दिया !
(१६)
क्यूँ दुनिया भर की उलझन में उलझा है 'रंजन',
न आना है मर्जी में न जाना इख्तियार में !
(१७)
हम 'रंजन' से कहते हैं अब तो बाज आ जाये,
जिसने किया तबाह वही दीवाना कहते हैं !
(१८)
राह कभी ना पंहुचा मंजिल तलक,
'रंजन' चलता ही रहा चलता ही रहा !
(१९)
साकी के चश्म-ए-गफलत नज़रों में खोया रहा,
जब तलक जाम आए 'रंजन' मदहोश हो गया !
(२०)
उठ कर चल दिया उनकी गली की ओर,
'रंजन' काशिद को आने तो दिया होता !

Click For Next Page

 

 


 

gallery/images